कृषि विज्ञान केंद्र में छात्रों को मार्गदर्शन
पीएस राजपूत, एमके न्यूज़
हरदा। एमके न्यूज। विगत दिवस कृषि विज्ञान केंद्र हरदा। कोलीपुरा। में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरण गांव के कृषि विषय के नौवीं के छात्रों का एक दिवसीय मार्गदर्शन केंप संपन्न हुआ।
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने छात्रों को कृषि से संबंधित अर्थ व्यस्था में कृषि का महत्व तकनीकी जानकारी दी। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक ने छात्रों को समझाते हुए बताया एक समय यह था जब हम विदेशों से गेहूं मंगवाते थे। कृषि में आधुनिकता और इस क्षेत्र में कृषि वैज्ञानिकों और किसानो की मेहनत से आज भारत में अनाज का वगपुल भंडार है। कृषि वैज्ञानिक ने आज किसानों द्वारा खेत में अधिक मात्रा में रासायनिक खाद के उपयोग करने से उसके दुष्परिणामों को भी सविस्तार से समझाया। उन्होने भूमि की उर्वरकता में कमी का कारण ही रासानिक खाद हे। इससे गंभीर बीमारियां भी बढ रही। ऐसी िस्थति रही तो कुछ सालों में हमारे खेत बंजर हो जाएंगे। इसलिए किसानों विशेषकर युवाओं को जैविक खाद को अपनाना चाहिए। यही गन हीं छात्रों को उदाहरण देते हुए समझाया मानव के शरीर में कोई बीमारी हो जाती है तो वह डाक्टर को बता सकता है कि मुझे यह होता है पर हमारा खेत नहीं बता सकता। जब फसल खराब या उत्पादकता कमी आती है तब कृषि वैज्ञानिकों से सलाह देता है जब तक देर हो जाती है इसलिए खेत की स्थायी उर्वरा शक्ति के लिए जैविक खेती जरुरी हो गया है। इसके लिए राज्य व केंद्र सरकार प्रोत्साहन दे रही है। मध्याह्न अवकाश में केंद्र में जैविक आधारित गेहूं चना सब्जियों के प्रदर्शन खंडों का अवलोकन कराया।
दूसरे सञ में बागवानी पशु पालन विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। आरंभ में सरकार द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के उद्देश्यों के बारे में छात्रों को विस्तार से समझाया और बताया किसानों की प्रगति में सहायक हैं कृषि विज्ञान केंद्र।


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