संत रविदास जी के संदेशों को जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि: डॉ. गोपेश बाजपेई
त्रिमूर्ति आदर्श शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति द्वारा गांधीनगर में भव्य जयंती समारोह आयोजित
एमके न्यूज़
भोपाल. डॉ. भीमराव अम्बेडकर फाउंडेशन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (भारत सरकार) के वित्तीय सहयोग से त्रिमूर्ति आदर्श शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति, भोपाल के तत्वाधान में संत रविदास जयंती समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। न्यू जेल रोड, गांधीनगर स्थित अनुसूचित जाति छात्रावास में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ संत रविदास जी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. गोपेश बाजपेई (रिटायर्ड प्रोफेसर) ने संत रविदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक महान कवि और समाज सुधारक थे। उन्होंने जातिगत भेदभाव और छुआछूत जैसी कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई और समाज को समानता का मार्ग दिखाया।
प्रो. नीति राम पटेल (भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान) ने कहा कि संत रविदास जी के अनुसार समस्त मानव जाति एक समान है। ईश्वर की भक्ति में जाति का नहीं, अपितु 'कर्म' का महत्व है। प्रेम, दया और सेवा ही जीवन को सफल बनाते हैं।
स्वाति सिंह (प्रोफेसर, स्कूल शिक्षा विभाग) ने कबीरदास जी के दोहे "ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय" के माध्यम से बताया कि किताबी ज्ञान से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव और प्रेम से रहना ही सच्ची ज्ञानार्जन है।अमित अर्जरिया (छात्रावास प्रबंधक) ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें संत जी के आदर्शों को केवल सुनना नहीं, बल्कि अपने आचरण में उतारना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में संरक्षक अमित चौहान ने अतिथियों का अभिनंदन किया। समिति के अध्यक्ष और कार्यक्रम के संयोजक रघुवीर सिंह जाट ने स्वागत भाषण दिया और अंत में सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन सुहाना खान द्वारा किया गया। इस अवसर पर सहायक प्रबंधक श्री संजय पटेल, राजेश कुशवाहा, के.के. नगर, डॉ. जितेंद्र दांगी और बंटी यादव सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।




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