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    पनामा में ICA चुनाव: इफको अध्यक्ष दिलीप संघाणी ICA ग्लोबल बोर्ड के निर्वाचित हुए निदेशक


    तीसरे क्रम पर विजयी होकर भारतीय सहकारिता आंदोलन को मिली महत्वपूर्ण वैश्विक उपलब्धि

    अंतरराष्ट्रीय सहकारिता आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि

    पनामा में हुए चुनाव में भारतीय सहकारिता आंदोलन को मिली बड़ी वैश्विक उपलब्धि

    संघाणी की यह जीत भारत के सहकारिता आंदोलन की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाती है।

    अरुणा यादव, एमके न्यूज़ 

    पनामा/दिल्ली /:अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में इफको (IFFCO) के अध्यक्ष श्री दिलीप संघाणी को इंटरनेशनल कोऑपरेटिव एलायंस (ICA) के ग्लोबल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में निदेशक (At-Large Director) के रूप में निर्वाचित किया गया है।

     दिलीप संघाणी के विजेता घोषित होते ही पनामा में उपस्थित भारतीय सहकारी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई। सभी सदस्यों ने एक स्वर में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से पूरे सभागार को गुंजायमान कर दिया।

    विदेशी धरती पर गूंजे “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों ने वैश्विक सहकारिता मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और प्रभाव को अभिव्यक्त किया।

    पनामा सिटी में आयोजित ICA की महासभा के दौरान हुए चुनाव में संघाणी की जीत को भारत के विशाल सहकारिता आंदोलन के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है। यह उपलब्धि वैश्विक सहकारिता जगत में भारत की बढ़ती भूमिका, प्रभाव और नेतृत्व को और सशक्त करती है।

    दिलीप संघाणी पिछले कई दशकों से सहकारिता क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा सहकारी संस्थाओं के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य करते रहे हैं। वर्तमान में वे IFFCO और GUJCOMASOL के अध्यक्ष है ओर विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं में महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं।

    ICA विश्व का प्रमुख वैश्विक सहकारी संगठन है, जो विभिन्न देशों और क्षेत्रों की सहकारी संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है। ICA के ग्लोबल बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व भारतीय सहकारिता आंदोलन की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और मजबूती प्रदान करेगा।

    संघाणी की यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन तथा भारत के सहकारिता आंदोलन की वैश्विक स्वीकार्यता को भी दर्शाती है। भारत आज सहकारिता के माध्यम से किसानों, ग्रामीण समुदायों और आम नागरिकों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में एक नई मिसाल प्रस्तुत कर रहा है।

    संघाणी ने अपनी जीत के लिए ICA के सभी सदस्य देशों, प्रतिनिधियों और वैश्विक सहकारिता समुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे भारत के सहकारिता आंदोलन की भावना, अनुभव और दृष्टिकोण को वैश्विक मंच पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने तथा विश्वभर में सहकारिता को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

     दिलीप संघाणी का ICA बोर्ड में निर्वाचन भारत के लिए गौरव, भारतीय सहकारिता आंदोलन के लिए सम्मान और वैश्विक सहकारिता के क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव का महत्वपूर्ण प्रतीक है।


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