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    अनपढ़ मजदूर बेल्डिंग कारपेंटर के बेटे ने 12वीं कक्षा में सीएम राईज स्कूल में हासिल की दूसरी रैंक

     


    पढ़ना - लिखना नहीं जानते हैं माता-पिता 

    रामहेत पवार, एमके न्यूज

    भोपाल। इस दौर में आप अपना मुकद्दर खुद गढ़ सकते हैं। भले ही आपका जन्म गरीब परिवार में ही क्यो ना हुआ हो। बषर्त समय रहते समय का सद्उपयोग कर केवल षिक्षा को अपना हथियार बनाना होगा। इस बात को देवास जिले के खातेगांव तहसील के एक मजदूर रहुफ खां के बेटे शाहरूख ने एमपी बोर्ड की 12वीं कक्षा में 90 प्रतिषत अंक हासिल करके कर दिखाया है।

    जिले के सीएम राईज स्कूल में दूसरी रैंक 

    देवास जिले के खातेगांव तहसील में निवासरत बेल्डिंग का काम करने वाले ररूफ खान के बेटे शाहरूख खान ने एमपी बोर्ड की 12वीं कक्षा की परक्षा में 90 प्रतिषत अंक प्राप्त कर सीएम राईज शासकीय महात्मा गांधी स्कूल में दूसरी रैंक प्राप्त की है। आज जैसे ही एमपी बोर्ड का परिणाम आया तो बेटे के रिजल्ट के बारे में सुनकर पिता रहुुफ और माता रूखसाना बेहद खुष हो गए। स्कूूल के षिक्षकों ने भी छात्र और उसके परिजनों को बहुत बधाई दी। वहीं माता-पिता ने अपने बेटे की इस सफलता श्रेय स्कूल के सभी गुरूजनों और स्टाॅफ को दी और उन्हें मिठाईयां खिलाकर खुषी का इजहार किया।

    रोज मजदूरी करता है परिवार

    परिवार बेहद गरीब है। दस बाय दस के एक कच्चे कमरे में किराये से रहता है। घर में एक बेटा, एक बेटी और पति-पत्नी सहित चार सदस्य हैं। कमाने वाले सिर्फ पिता रहुफ खान है जो रोजाना बेल्डिंग कारपेंटर का काम करते है। इसी कमाई से परिवार का गुजर बसर होता है। शाहरूख के माता का कहना है कि वे पढ़ना लिखना नहीं जानतीं हैं मगर पढ़ाई खिलाई की कीमत जरूर समझतीं हंै। बस इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने दोनों बच्चों को षिक्षा दिलाने की ठान ली है। इसके लिए वे जो भी कमाते हैं उसका 80 प्रतिषत हिस्सा दोनों बच्चों की पढ़ाई में खर्च करते हैं। बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता में रखते हुए दोनों पति-पत्नी खुद रूखी-सूखी रोटी खाकर वे अपना गुजर बसर कर लेते हैं। शाहरूख की माता रूखसाना का कहना है भले ही मैं हालातों की वजह से षिक्षा ग्रहण नहीं कर पाई हूं पर अपने बच्चों को में इससे पीछे नहीं रखना चाहती हूं। इसके लिए मैं अपने सारे शौक को नजरअंदाज करते हुए बच्चों की अच्छी परवरिष कर रही हूं। मैं बहुत कम शादियों में जाती हूं। परंतु बच्चों की पढ़ाई में कोई कसर नहीं करती हूं।

    बेटी ने भी किया था 12वीं कक्षा में टाॅप

    रहुफ खान की बेटी फिजा भी दो साल पहले 12वीं कक्षा में इसी सरकारी स्कूल से टाॅप कर चुकी है। उसने विज्ञान संकाय में परीक्षा उत्तीर्ण की है। वर्तमान में वो बीएससी फाइनल ईयर में है।



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